हरिद्वार : अब राज्य बचाने के लिए आंदोलन करना होगा राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाला उत्तराखंड क्रांति दल एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहा है। दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के लिए यूकेडी ने आंदोलन किया और अनेक कुर्बानियों के बाद उत्तराखंड राज्य वजूद में आया। अब राज्य बचाने को लेकर आंदोलन करना पड़ेगा।
आज पत्रकारों से वार्ता करते हुए दिवाकर भट्ट ने कहा कि अलग राज्य को लेकर लोगों की जो सपने देखे गए थे वह पुरे नहीं हो पाय हैं। दिवाकर भट्ट ने कहा कि पहले राज्य के लोगों को जागरूक किया जाएगा और उसके बाद आंदोलन की तैयारी की जाएगी। आंदोलन में भूख हड़ताल, या फिर किस तरह की रूपरेखा अपनायी जाएगी यह पार्टी तय करेंगी।
राज्य से पलायन की स्थिति चिंताजनक है। सैकड़ां गांवों को शहरी क्षेत्र में लाना पड़ा है। रोजगार के साधन नहीं होने से पढ़ा लिखा हुआ युवा राज्य से पलायन कर रहा है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है। जल जंगल जमीन बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में अनेक उत्पाद होने के बाद भी सही तरीके से प्रदेश के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। दिवाकर भट्ट ने कहा बिजली महंगी है। स्मार्ट मीटर के नाम पर जनत का शोषण किया जा रहा है।
इस अवसर पर रविन्द्र वशिष्ठ, मोहन सिंह असवाल, ललित बिष्ट, सुरेन्द्र भंडारी, करन सिंह बर्वाल, जयप्रकाश उपाध्याय, देव उत्तराखण्डी, विजेन्द्र सिंह रावत, बिहारीलाल जगोढ़ी, जसवंत सिंह रवि जैन मौजूद रहे।
