हरिद्वार : जन अधिकार संगठन, इंकलाबी मजदूर केन्द्र एवं संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर कनखल स्थित सिंह द्वार पर दिल्ली के जंतर-मंतर में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों एवं नौजवानों पर किए गए पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज एवं दमन के विरोध में जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया।

 

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जन अधिकार संगठन के कामरेड ओमपाल सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी लोकतांत्रिक मांगों को उठाना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किंतु दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों एवं युवाओं पर बल प्रयोग कर उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जब सरकारें जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाती हैं, तब यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।

 

इंकलाबी मजदूर केन्द्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि मोदी सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए पहले किसानों के खिलाफ कृषि कानून लाने का प्रयास किया, फिर मजदूर वर्ग के खिलाफ चार श्रम संहिताएँ (लेबर कोड्स) लागू कीं और अब छात्रों-नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों, किसानों तथा छात्रों-नौजवानों को जनविरोधी नीतियों एवं दमनकारी कार्रवाइयों के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष को तेज करना होगा तथा शोषण पर आधारित पूंजीवादी व्यवस्था के स्थान पर समाजवादी व्यवस्था स्थापित करने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे।

 

क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद ने लाठीचार्ज की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों का दमन कर रही है और कहा कि देश की मेहनतकश जनता ऐसे तानाशाहीपूर्ण रवैये का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।

 

प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की उपाध्यक्ष नीता ने कहा कि छात्रों और नौजवानों के आंदोलन पर किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की पूरे देश में व्यापक निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग जाग रहा है और मजदूर वर्ग के साथ मिलकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाएगा।

 

सभा के अंत में सभी वक्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, जनसंघर्षों को मजबूत करने तथा केंद्र सरकार एवं दिल्ली पुलिस के दमनकारी रवैये के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

 

विरोध प्रदर्शन में जन अधिकार संगठन के अध्यक्ष सुनील आनंद, इंकलाबी मजदूर केन्द्र के जय प्रकाश, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की आरती रेखा नीतु सावित्री, मौ. जौक, राम बिलास पासवान, विकास बेनिवाल, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के महामंत्री अवधेश कुमार, फूड्स यूनियन के देवेन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन के तरुण और भरत सहित अनेक सामाजिक, छात्र, महिला एवं श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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