हरिद्वार : जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट भवन के सभागार में वर्ष 2025 की वन अग्नि सुरक्षा योजना के अतर्गत वनाग्नि प्रबन्धन समिति की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

उप वन संरक्षक वैभव कुमार सिंह ने बताया कि वन क्षेत्रों की वनाग्नि रोकथाम यथा- वनाग्नि के कारण, वनाग्नि के प्रबन्ध उद्देश्य, वनाग्नि नियन्त्रण के उपाय, उपलब्ध संसाधनों की स्थिति /आवश्यकता, वनाग्नि रोकथाम हेतु किये गये कार्य, आगामी वर्ष 2025 के लिए प्रस्तावित बजट पर चर्चा की गयी।
राजाजी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक, महातिम यादव द्वारा भी राजाजी टाइगर रिजर्व के जनपद हरिद्वार के भाग के सम्बंध में प्रस्तुतीकरण तथा चर्चा की गयी।
जिलाधिकारी द्वारा सभी सम्बंधित विभागों को वनाग्नि के दौरान वन विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक उपरान्त जिलाधिकारी महोदय द्वारा हरिद्वार वन प्रभाग के वनाग्नि प्रबन्ध योजना वर्ष 2025 का अनुमोदन किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी, हरिद्वार द्वारा नियमानुसार निम्न निर्देश दिये गये वनाग्निकाल में चण्डी देवी तथा मंसा देवी में आपादा मित्रों की तैनाती की जाएगी, चिकित्सा विभाग द्वारा वन कर्मियों को फस्ट एड ट्रेनिंग एंव किट उपलब्ध करायी जाएगी, सभी संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी, वनाग्नि घटनाएं प्रकाश में आने पर सभी विभाग द्वारा वन विभाग का आवश्यक सहयोग किया जाएगा तथा संदिग्धों के विरूद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
बैठक में परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी, डा० आर० के० सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, श्री आशुतोष भण्डारी, जिला शिक्षा अधिकारी, श्रीमती पूनम कैन्थूला, उप प्रभागीय वनाधिकारी, हरिद्वार, श्री अजय लिगवाल, वार्डन राजाजी टाइगर रिजर्व, श्री पंकज श्रीवास्तव सहायक परिवहन अधिकारी, श्रीमती मीरा रावत जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी अग्निशमन अधिकारी शिशुपाल सिंह नेगी सहित जिसमें जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबन्ध समिति के समस्त सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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