पिथौरागढ़ : जिलाधिकार विनोद गोस्वामी की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकार एवं पशु चिकित्साधिकारीयो एवम् डेयरी विभाग के साथ पशुपालन विभाग द्वारा की जा रही जनपद में की 21 वी पशुगणना की समीक्षा की गयी।
बैठक में सीवीओ डॉ0 योगेश शर्मा ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पशुगणना में 16 प्रजातियों के पशुधन एवम कुक्कुट पक्षियों की गणना करने के साथ ही पशुगणना में प्रत्येक परिवार उद्यम, गैर पारिवारिक उद्यम और संस्थाओं में पशुधन प्रजातियों की नस्ल, आयु और लिंग संरचना के अनुसार गणना की जा रही है, इससे पशुधन एवम् उनकी विशेषताओं की जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह हर पांच वर्षों में आयोजित की जाती है, यह एक सबसे प्राचीन गणना जो संपूर्ण देश में आयोजित की जा रही है। इस पशुगणना का उद्देश्य जनपद में कुल पशुधन एवम् कुक्कुट की संख्या ज्ञात करना, नस्लवार पशुधन एवम् कुक्कुट की संख्या एकत्रित करना, कुल पशुधन एवम् कुक्कुट की उम्र, नस्ल उनके उपयोग के आंकड़े एकत्रित करना व पारिवारिक/पारिवारिक उद्यम/गैर पारिवारिक उद्यम/संस्थाओं की पशुपालन में भागीदारी व सामाजिक एवम् आर्थिक आंकलन करना है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि जनपद में की 21 वी पशुगणना का कार्य विगत 13 नवंबर से शुरू हुआ है जो आगामी माह फरवरी 2024 तक कुल 04 माह में किया जाएगा जिसके तहत पशुगणना हेतु जनपद में ग्रामों/वन क्षेत्रों की संख्या–1541, जिसमे 1529 ग्राम एवम् 12 वन क्षेत्र, जनपद में शहरी वार्डो की संख्या–55, गैर आबाद ग्राम/वन क्षेत्र–103 जिसमे 67 ग्राम एवं 36 वन क्षेत्र व जनपद में पशुगणना हेतु कुल 65 प्रगणकों एवं 14 पर्यवेक्षक तैनात किया गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को उक्त कार्य को ससमय पूर्ण करने के साथ ही उपस्थित पशु चिकित्सकों को सेवाभाव के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ डॉ0 दीपक सैनी, सीवीओ डॉ0 योगेश शर्मा समेत संबंधित विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित थे।
