हरिद्वार : आज दिनाँक 25.11.2024. कोे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के तत्वाधान में बी0एच0ई0एल0 की महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन के विरूद्ध एक सेमिनार का आयोजन मानव संसाधन विकास केन्द्र के भेल सभागार में किया गया जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव/वरिश्ठ सिविल जज श्रीमती सिमरनजीत कौर द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन एक्ट के विशय में जानकारी देते हुए बताया कि विषाखा गाइडलाईन जारी करते हुए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह अधिकार लागू किया गया जिसके तहत प्रत्येक विभाग संगठन इत्यादि हेतु एक आई0सी0सी0 आंतरिक षिकायत जांच समिति का गठन होना अनिवार्य एवं आवष्यक है तथा जनपद स्तर पर स्थानीय षिकायत समिति का गठन होता है जो किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडन की षिकायत पर जांच करताी है एवं आवष्यक कार्यवाही की जाताी है जांच के दौरान जांच से सम्बन्धित पीडीता इत्यादी की खबर को गोपनीय रखा जाता है और इसका प्रकाषन हो जाने पर 50 हजार रूप्ये जुर्माने का प्रावधान है ं इसके साथ ही सचिव महोदय द्वारा महिलाओं को ऑनलाईन ठगी सतर्क रहने हेतु कहा गया तथा साईबर अपराध, पोक्सो एक्ट, घरेलु हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम की जानकारी प्रदान की गयी तथा डा0 हेमन्त द्वारा एच0आई0वी0 के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी एवं माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा प्राप्त सरल कानूनी ज्ञान पुस्तिकाओं का वितरण किया गया।

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