रुड़की : क्वांटम विश्वविद्यालय के श्यामजी सभागार में मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सहयोग से “कैलिडोस्कोप 2026” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य शारिक मलिक रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक विविधताओं का उत्सव मनाना, विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना तथा विभिन्न समुदायों के मध्य संवाद, सहयोग एवं सामाजिक सौहार्द को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर क्वांटम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो(डॉ.) विवेक कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सांस्कृतिक विविधता एवं “एकता में अनेकता” की भावना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को केवल मनोरंजन का मंच ही नहीं देते, बल्कि उन्हें विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को समझने एवं सम्मान देने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक बनना भी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शारिक मलिक ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि क्वांटम विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सराहनीय प्रयास कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि “कैलिडोस्कोप 2026” केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विविधताओं को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच है, जो युवाओं को अपनी परंपराओं, भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।
इस कार्यक्रम का समन्वयन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नाज़नीन एवं संकाय सदस्य तापसी राणा द्वारा तथा छात्र समन्वयक दिया एवं निष्ठा के सहयोग से किया गया। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने लोककथाओं पर आधारित कहानी प्रस्तुति, लोकगीत, लोकनृत्य, कविता पाठ, भारतीय त्योहारों पर प्रस्तुतियाँ तथा क्षेत्रीय कला प्रदर्शन के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर जीवंत किया।
कैलिडोस्कोप 2026 ने विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, आत्मविश्वास, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं पारस्परिक सम्मान की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
