हरिद्वार  : प्रसिद्ध श्री साहिब धाम आश्रम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान ब्रह्मलीन संत स्वरूपदास जी महाराज की पावन कृपा एवं आशीर्वाद से एक विशाल संत समागम तथा संत भंडारे का भव्य आयोजन आश्रम के पीठाधीश्वर प्रातः स्मरणीय श्रीमहंत १००८ स्वामी इन्द्रदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए आध्यात्मिक अमृतवर्षा का आनंद लिया।इस अवसर पर श्रीमहंत इन्द्रदास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि गुरु इस पृथ्वी लोक पर ज्ञानगंगा के स्वरूप में अवतरित होकर जीवों का कल्याण करते हैं तथा उन्हें सत्य, धर्म और मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना जीवन अज्ञान के अंधकार में भटकता रहता है और गुरु ही जीव को परमात्मा से जोड़ने का सेतु हैं।संत समागम में पधारे स्वामी रविन्द्रदास जी महाराज ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु कृपा से ही मनुष्य के जीवन का उद्धार संभव है। स्वामी गोपालदास जी महाराज ने कहा कि गुरु की वाणी जीवन को पवित्र और सफल बनाती है। महंत महेन्द्रदास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में गुरु को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि गुरु के चरणों में ही सच्ची शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।

मंडल के उपाध्यक्ष स्वामी अखंडानंद जी महाराज तथा स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने भी गुरु महिमा पर अपने प्रेरणास्पद विचार व्यक्त किए।समस्त कार्यक्रम भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। संत समागम के उपरांत विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया।

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