हरिद्वार : उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, पंचकर्म विभाग, ऋषिकुल परिसाद , हरिद्वार के तत्वावधान में “International Conference on Recent Advancements in Panchkarma 2025 का भव्य आयोजन दिनांक 29 एवं 30 सितम्बर 2005 को किया जा रहा है।

 

यह सम्मेलन आयुर्वेद और पंचकर्म यिकिला विज्ञान की नवीनतम प्रगति, शोध और अनुभव साझा करने का एक अनूठा मंत्र सिद्ध होगा। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल पंचकर्म चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयामों को प्रस्तुत करना है, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शोष की एक साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की प्रतिशा को सुदद करना भी है।

 

इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरत गुरमीत सिंह जी के कर कमलों द्वारा किया जाएगा। साथ ही पतंजलि योगपीठ के संस्थापक सचिव श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज तथा आयुर्वेद विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अरुण त्रिपाठी बी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी । इनके सानिध्य में सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत होगी जो आयुर्वेद चिकित्सा जगत के लिए ऐतिहासिक महत्व रखेगी।

 

 

सम्मेलन के प्रथम दिवस में उद्घाटन सत्र के पक्षात् विभिन्न वैज्ञानिक सत्रो का आयोजन होगा। इस अवसर पर देश- विदेश के सवातिप्राप्त विशेषज्ञ अपने शोषत्र प्रस्तुत करेंगे तथा पंचकर्म की प्रासंगिकता और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ इसके सामंजस्य पर अपने विचार साझा करेंगे जिससे पंचकर्म विज्ञान के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उश्यन और ज्ञान विस्तार संभव होगा।

 

वैज्ञानिक सत्रों में विद्वतापूर्ण व्याख्यान प्रो. (डॉ.) आनंद चौधरी, प्रो. (डॉ.) अरुण गुप्ता, प्रो. (डॉ.) संतोष भट्टेड तथा डॉ. संजीव रस्तोगी द्वारा दिए जाएंगे। इन सत्रों की अस (Cuir Person) प्रो. (डॉ) यू.एस. निगम करेंगे।

 

दिन का समापन सांस्कृतिक संध्या के आयोजन से होगा, जिसमें भारतीय परंपरा, कला और संस्कृत की समृद्ध झलक प्रस्तुत की जाएगी। यह संध्या प्रतिभागियों के लिए न केवल मनोरंजन बल्कि भारतीय जीवन दर्शन से जुड़ाव का अवसर भी होगी।

 

सम्मेशन के दूसरे दिन भी वैज्ञानिक सत्र की श्रृंखला जारी रहेगी। इसमें विशेष रूप से पंचकर्म चिकित्सा की प्रत्यक्ष प्रदर्शनी (Live Demonstration) आयोजित की जाएगी, जिसमें आधुनिक परिप्रेक्ष्य में पंचकर्म उपचार की कार्यविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया जाएगा। यहा प्रदर्शन विकिन्नसकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्षक और प्रेरणादायी होगा।

 

 

 

इसके साथ ही अंतर महाविद्यालयीय क्रिज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भाग लेंगे। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के ज्ञान, तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करेगी।

 

सम्मेलन का समापन एक भय Valedictory Session के साथ होगा। इस सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पधारेंगे

 

माननीय विधायक श्री आदेश चौहान (रानीपुर), माननीय विधायक श्री मदन कौशिक (हरिद्वार), प्रो. (डॉ.) अरुण त्रिपाठी (कुलपति, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय), डॉ. नरेंद्र शर्मा (कुलपति, मदरहुड यूनिवर्सिटी) समापन सत्र में प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा तथा पुरस्कार वितरण समारोह भी संपन्न होगा। इस प्रकार यह सम्मेलन न केवल वैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी रहेगा, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक अनुभव भी प्रदान करेगा।

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