हरिद्वार श्यामपुर स्थित श्री श्याम वैकुंठ धाम के परमाध्यक्ष श्री महंत श्यामसुंदर जी महाराज ने अपने श्री मुख से भक्तजनों के बीच उद्गार व्यक्त करते हुए कहा इस पृथ्वी पर सबसे बड़ा तीर्थ मनुष्य का मन है अगर मनुष्य का मन ठीक है उसके विचार अच्छे हैं उसके संस्कार अच्छे हैं और उसके मन में सभी के प्रति सम्मान और आदर का भाव भरा है ईश्वर की आस्था भरी हुई है तो उसका मन किसी तीर्थ से कम नहीं अगर आपके संस्कार अच्छे नहीं विचार अच्छे नहीं और सोच अच्छी नहीं आप तीर्थ करने जा रहे हैं तो उस तीर्थ की यात्रा का आपको कोई फल मिलने वाला नहीं असली तीर्थ तो आपका मन है पहले उसे शुद्ध कीजिये विचारों में शुद्धता लाइये संस्कारों में शुद्धता लाईये तो आपका मन ही तीर्थ हो जायेगा खुद भले तो जग भला
