चमोली :   जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी रेखीय विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में स्वयं सहायता समूहों के सीएलएफ में अवशेष धनराशि, जिला योजना केन्द्र एवं राज्य सेक्टर योजनाओं मनरेगा एवं अन्य विभागीय योजनाओं के युगपतिकरण को लेकर चर्चा की गयी और सभी विभागों से जनपद में नवाचारी कार्यो को लेकर सुझाव भी मांगे गए। बैठक में सभी विभागों द्वारा अपनी अपनी योजनाओं की जानकारी दी गयी।

जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस, चारा नर्सरी तथा मत्स्य पालन पर विशेष फोकस करने को कहा। उन्होंने पशुपालन विभाग को गौचर/कालेश्वर में हैचरी डेवलप करने को लेकर भूमि चिन्हित कर प्लान बनाने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक में चारा नर्सरी बनाने को लेकर सुझाव दिए गए। जिस पर जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग की कोठियालसेंण में खाली पड़ी भूमि पर चारा को लेकर पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में काम करने को कहा। इससे स्थानीय पशुपालको की चारे की समस्या दूर हो जाएगी। मत्स्य विभाग को नये प्रोजेक्ट शुरू करने के साथ ऑर्नामेंटल फिश पर काम करने के निर्देश दिए। कहा कि पॉलीहाउस के लिए किसी एक ब्लॉक के दो चार गांवों चयन किया जाए और काश्तकारों को प्रशिक्षण दिया जाए । साथ ही रीप के सीएलएफ से मशरूम उत्पादन बढ़ाने को लेकर कार्य करने के निर्देश दिए।

इस दौरान परियोजना निदेशक आनन्द ंिसंह, प्रभारी डीडीओ केके पन्त, कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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