रुड़की : क्वांटम विश्वविद्यालय में 28 एवं 29 अप्रैल 2026 को आयोजित दो दिवसीय “अटल बिहारी वाजपेयी अखिल भारतीय युवा संसद एवं मॉडल यूनाइटेड नेशंस” के चौथे संस्करण का सफल एवं गरिमामय समापन हुआ। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नीतिगत समझ तथा समालोचनात्मक चिंतन का विकास करना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
दो दिवसीय युवा संसद कार्यक्रम के समापन सत्र के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं और “विकसित भारत 2047” का सपना वही साकार कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से दृढ़ संकल्प के साथ राजनीति में आने का आह्वान करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सुदृढ़ नेतृत्व का उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा कि क्वांटम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यूथ पार्लियामेंट युवाओं को नीतिगत सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त मंच प्रदान करता है तथा भविष्य में यही युवा देश के कर्णधार बनेंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति एवं भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेक कुमार ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहने और स्वतंत्र विचार अभिव्यक्ति को सशक्त बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” के निर्माण में आज के युवा प्रतिभागियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी बताया कि क्वांटम विश्वविद्यालय अपने शिक्षण, प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रमों में मानवीय मूल्यों, प्रकृति संरक्षण एवं सांस्कृतिक विविधता जैसे विषयों को निरंतर शामिल करता रहा है। उन्होंने युवाओं से गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में प्रतिभागियों को विभिन्न समितियों जैसे लोकसभा सत्र, अखिल भारतीय राजनीतिक दल बैठक, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा अंतरराष्ट्रीय प्रेस में विभाजित किया गया। इन सत्रों में प्रतिभागियों ने समकालीन राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय एवं सार्थक विमर्श किया। विशेष रूप से लोकसभा सत्र में श्रम कानूनों पर गहन चर्चा हुई, जबकि अन्य समितियों में वैश्विक नीतिगत विषयों पर प्रभावी संवाद देखने को मिला।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फाउंडर प्रेसिडेंट श्यामजी गोयल, कुलाध्यक्ष अजय गोयल, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट एवं ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य शोभित गोयल, कुलसचिव डॉ. अमित दीक्षित, क्वांटम स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. मनीष श्रीवास्तव, क्वांटम स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. बृज मोहन सिंह, डीन अकादमिक डॉ. सत्येंद्र कुमार, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश यादव, सहायक प्राध्यापक अर्जुन, शांतनु शेखर, निशांत कुमार, आदित्य तोमर, स्वर्णिम चौधरी एवं अदिति मिश्रा का विशेष योगदान रहा।
