देहरादून : भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के कार्यक्रतों द्वारा देहरादून नगर निगम सें पैदल मार्च करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय देहरादून का घेराव किया जहाँ पर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। इस अवसर पे विकास नेगी जी नें कहा की प्रदेश में घटित एंजल चकमा की हत्या की घटना ने छात्र समाज को गहरे आघात में डाल दिया है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है। अब तक इस प्रकरण में दोषियों पर कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी नें यहां भी कहा की प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के हत्याकांड ने संपूर्ण राज्य को झकझोर कर रख दिया था। आम जनमानस एवं छात्र समुदाय के बीच यह धारणा गहराती जा रही है कि अब तक की जाँच निष्पक्ष एवं पारदर्शी नहीं रही है। प्रकरण की संवेदनशीलता एवं प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंकाओं को देखते हुए, इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से पुनः निष्पक्ष जाँच कराई जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पीड़िता को न्याय एवं समाज का विश्वास बहाल हो सके।

उत्तराखण्ड प्रदेश में संचालित अनेक निजी विश्वविद्यालय शिक्षा को सेवा के बजाय व्यापार बना चुके हैं।

• छात्रों से मनमाने तरीके से अत्यधिक फीस वसूली

• पैसा लेकर 75% उपस्थिति (Attendance) पूरी दिखाना

• फेल छात्रों को बैक पेपर या विशेष परीक्षा के नाम पर भारी शुल्क लेकर पास करना

• शैक्षणिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन

• गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अभाव

 

एनएसयूआई नें निम्नलिखित मांगें प्रस्तुत की है—

1. एंजल चकमा की हत्या की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं उच्चस्तरीय जाँच कराते हुए दोषियों को अविलंब कठोरतम दंड दिया जाए।

2. अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI से निष्पक्ष जाँच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

3. प्रदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ठोस एवं प्रभावी सुरक्षा तंत्र लागू किया जाए।

4. सभी निजी विश्वविद्यालयों की फीस संरचना, उपस्थिति प्रणाली, परीक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक नियमों की विस्तृत एवं स्वतंत्र जाँच कराई जाए।

5. पैसा लेकर उपस्थिति पूरी करने, फेल छात्रों को पास करने एवं बैक पेपर के नाम पर अवैध शुल्क वसूली करने वाले निजी विश्वविद्यालयों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

6. शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने हेतु कड़े नियामक दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागु हो।

इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार जी, राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया जी, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर जी, पूर्व जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस कमल कांत जी, प्रदेश उपाध्यक्ष आयुष सेमवाल, हिमांशु चौधरी,एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अभय कैतुरा प्रदीप तोमर प्रियांश छाबरा सागर सेमवाल अमित जोशी हन्नी कुमार पुनीत राज आदि छात्र उपस्थित थे।

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