डेंगू रोग रोकथाम व नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय बैठक में डेंगू रोकथाम की कार्ययोजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मजबूर समन्वय पर जोर दिया गया। इस अवसर पर जनमानस में डेंगू रोकथाम व बचाव को लेकर चल रहे जागरूकता अभियान को और अधिक सक्रियता से चलाने पर जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित अंतर विभागीय बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास, पेयजल, नगर पालिका आदि विभागों द्वारा प्रतिभाग किया गया। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विमल सिंह गुसाईं ने बताया कि कि डेंगू रोग रोकथाम व नियंत्रण के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर स्तर पर तैयारियां की गई हैं, जिसके अंतर्गत ब्लाक स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर दी गई है। उन्होंने शिक्षा एवं बाल विकास विभाग से स्कूल, आंगनबाड़ी में डेंगू से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने, पेयजल निगम व जलसंस्थान से पाइप लाइन से लिकेज आदि का अनावश्यक पानी जमा न होने देने, नगर पालिका व नगर पंचायतों से उनके क्षेत्र में अनावश्यक पानी जमा न होने देने, नियमित फॉगिंग कराते रहने, पंचायतीराज विभाग से ग्राम स्तर पर डेंगू जागरूकता को लेकर जनमानस को जागरूक करने, परिवहन विभाग से मैदान से आवागमन करने वाले सब्जियों के वाहक ट्रक आदि वाहनों में रखे टायरों में पानी जमा होने व उनके माध्यम से डेंगू का मच्छर आने की आशंका के दृष्टिगत संबंधित को संवेदीकृत करने की अपील की।
एपिडेमियोलॉजिस्ट डा. शाकिब हुसैन ने कहा कि रूके हुए पानी में डेंगू का मच्छर पनपने की आशंका बनी रहती है, लिहाजा डेंगू से बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि डेंगू के मच्छर को पनपने ही न दें, इसके लिए घरों, स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, उन्होने जल भंडारण की वस्तुओं को ढक कर रखने, कूलर, फूलदान, टंकी आदि ऐसी चीजें जहां पानी एकत्र हो सकता है वहां पानी एकत्र न होने दें व इन स्थानों पर सप्ताह में एक बार सफाई करने तथा डेंगू के मच्छर से बचाव हेतु पूरी बांहों वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी, मच्छर नाशक क्रीम, स्प्रे आदि का प्रयोग करने की अपील की है। इस अवसर पर बैठक में मौजूद व्यापार संघ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट से नगर क्षेत्र में डेंगू जागरूकता अभियान में सहयोग की अपील की गई।
बैठक में नगर पालिका से भास्कर चंद्र कोठारी, पियूष सेमवाल, शिक्षा विभाग से आशुतोष गौड, नगर पंचायत तिलवाड़ा से प्रदीप, परिवहन विभाग से मुकुल, कृषि विभाग से लोकेंद्र भट्ट, पशुपालन विभाग से डा0 अशोक कुमार, डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी, डीईओ कलम सिंह आदि मौजूद रहे।
ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डा. शाकिब हुसैन ने बताया कि डेंगू रोग रोकथाम के तहत सीएचसी अगस्त्यमुनि में 6, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ, माधवाश्रम चिकित्सालय में में 02-02 आइसोलेशन वार्ड सहित कुल 12 आइसोशलन वार्ड बनाए गए है, व वाड नोडल अधिकारी की तैनाती भी कर दी गई है। बताया कि डेंगू जनपद में पर्याप्त मात्रा में डेंगू जाँच भी उपलब्ध है, व्लॉकों को 500 डेगूं किट उपलब्ध कराई गयी है। बताया कि डेंगू रोकथाम के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी कर दी, जनपद व ब्लॉक स्तर पर रेपिड रिस्पॉन्स टीमे गठित कर दी गयी है। साथ ही बताया कि गत अप्रैल से अब तक डेंगू रोग के लक्षण वाले 160 व्यक्तियों का डेंगू टेस्ट किया गया है, जिसके सभी डेंगू रोग मुक्त पाए गए है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विमल गुसाईं ने बताया कि डेंगू रोग रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर गत 16 मई से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में एएनएम और सीएचओ द्वारा जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन कर जरूरी ऐहतियात बरतने की अपील की गई। वहीं आरबीएसके की पांच टीमों व आरकेएसके की एक टीम द्वारा आंगनबाड़ियों में डेंगूरोकथाम व बचाव की जानकारी दी गई। जनपद के सभी गांवों में वहीं आशा कार्यकत्री द्वारा लार्वा निरोधात्मक कार्यवाही की गई, जिसके अंतर्गत डेंगू मच्छर पनपने वाले संभावित स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाकर डेंगू मच्छर के लार्वा को खत्म करने की कार्यवाही की गई। जुलाई से नवंबर माह तक डेंगू संक्रमण की संभावना अधिक होने के दृष्टिगत अभियान को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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