हरिद्वार : गंगा सप्तमी के पर्व पर ज्वालापुर क्षेत्रान्तर्गत चाकलान मोहल्ले में दिनदहाड़े बुजुर्ग महिला की हत्या की सूचना पर ज्वालापुर पुलिस मय सीओ ज्वालापुर शांतनु पाराशर एवं अन्य मातहत संग घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल द्वारा प्रकरण की गंभीरता एवं घटना के लेकर स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए घटनाक्रम के खुलासे के लिए तत्काल 10 पुलिस टीमों का गठन कर प्रकरण के जल्द खुलासे के निर्देश दिए एवं पूरे मामले की स्वयं मॉनीटरिंग की।

जानकारी करने पर पता चला कि पेशे से तीर्थ पुरोहित अनुराग शर्मा गंगा सप्तमी के अवसर पर दिनांक 14.05.2024 को अपनी पत्नी/परिजनों के साथ पूजा अर्चना के लिए हर की पैड़ी गए हुए थे तथा उनकी बुजुर्ग मां घर पर अकेली थीं। दोपहर के समय चीख पुकार की आवाज सुन पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बुजुर्ग महिला को लहुलुहान हालत में खून से सने फर्श में पाया।

ज्वालापुर जैसे घनी बस्ती इलाके में दिनदहाड़े घर में घुसकर बुजुर्ग महिला की हत्या को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो गया। मामले में वादी अभिषेक शर्मा की तहरीर पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा अपराध संख्या 430/24 धारा 302 भा.द.वी. दर्ज किया गया। प्रकरण में हरिद्वार पुलिस द्वारा वैज्ञानिक तरीके से कार्रवाई की गई। आदर्श आचार संहिता के दौरान ही कुछ लोगों द्वारा मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश करते हुए कोतवाली ज्वालापुर का घेराव भी किया गया जिसपर उक्त तत्वों के विरुद्ध कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा भी दर्ज किया गया।

विवेचना में जुटी दस अलग-अलग पुलिस टीमों ने रात दिन एक करते हुए अलग-अलग एंगल से गहरी पड़ताल करते हुए घटनास्थल की ओर आने-जाने वाले रास्तों पर लगे अनेकों C.C.T.V. कैमरा फुटेज खंगाले। कई संदिग्धों से पूछताछ के साथ ही हत्या के दौरान आवाजाही करते दिख रहे एक संदिग्ध युवक से सख्ती के साथ पूछताछ की तो युवक ने हत्या की बात कबूलते हुए पूरे घटनाक्रम और हत्या की वजह सहित इसमें शामिल सभी किरदारों से पर्दा उठाया।

संदिग्ध युवक BBA STUDENT उदित झा ने पूछताछ में बताया कि मृतका की पोती भूमिका (काल्पनिक नाम) का अनुराग के साथ व उदित झा का कनखल निवासी आयशा (काल्पनिक नाम) के साथ अफेयर है। भूमिका और आयशा एवं उदित झा और अनुराग भी आपस में दोस्त हैं। आयशा और उदित झा के प्राइवेट फोटो/वीडियो मृतका की पोती भूमिका के पास थी। भूमिका अपने ब्वायफ्रेंड अनुराग को समय-समय पर काफी पैसे देती रहती थी और उसको i-Phone के लिए भी पैसे दिए थे। अनुराग लोकल स्तर पर मात्र 10 से 15 हजार रुपए के बीच की नौकरी करता था लेकिन भूमिका की वजह से उसको कभी भी पैसों की कमी नहीं रही।

घर से धीरे-धीरे करके लगातार पैसे गायब होने पर मृतका अर्चना ने पैसे छुपाने शुरू कर दिए और जल्दी ही मृतका दादी समझ गई कि उसकी पोती भूमिका ही ऐसा करती है। इससे परेशान होकर दादी को अपने रास्ते से हटाने के लिए भूमिका ने अपने साथियों के साथ मिलकर उदित झा को ब्लैकमेल करते हुए धमकी दी कि तू मेरी दादी को रास्ते से हटा दे वरना तेरी प्राइवेट वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। योजना ये बनी कि जब घर के सभी लोग जरूरी काम से घर से बाहर चले जाएं तो युवक घर जाकर दादी का काम तमाम कर दे।

दिनांक 14.05.24 को जब गंगा सप्तमी के दिन मृतका बुजुर्ग महिला अर्चना के घर के सभी सदस्य गंगा स्नान/पूजन हेतु हरिद्वार चले गए तो मृतका की पोती भूमिका द्वारा मुख्य अभियुक्त उदित झा को अपने घर की सारी जानकारी उपलब्ध करवाकर सूचना दी गई कि आज अच्छा मौका है हमारे घर पर जाकर मेरी दादी को रास्ते से हटा दो। अभियुक्त उदित झा उस समय गंगा पूजा हेतु हर की पैड़ी गया था। वहां से स्कूटी से घर आया और अपने कपड़े चेंज कर रास्ते से अंसारी मार्केट से हथौड़ा खरीदकर अपनी स्कूटी से घर से कुछ दूर आकर स्कूटी को आधे रास्ते मे साइड कहीं लगाकर उसके बाद सीसीटीवी कैमरो से बचने के लिये छाता ओढकर पैदल-पैदल गलियों से चलकर मृतका के घर पर आया। दरवाजा मृतका दादी ने खोला। उदित झा ने मृतका के पोते मुकुंद के बारे पूछा और उसे अपना दोस्त बताकर मृतका से पीने के लिये पानी माँगा जब मृतका बरामदे मे रखे फ्रीज से पानी निकाल रही थी तो उसी दौरान मुख्य अभियुक्त उदित झा ने अचानक हथोड़े से मृतका के चेहरे पर वार कर दिया। जिससे महिला चिल्लाई तो अभियुक्त ने पकड़े जाने के डर से बदहवाश हालत मे मृतका के सिर व चेहरे के ऊपर हथोड़े से कई वार कर दिये तथा मृतका को लहुलुहान कर घर से निकलकर गली मे पैदल पैदल भागा व रास्ते से अपनी स्कूटी लेकर पास मे ही अपने घर निकल गया।

हत्यारोपित की निशांदेही पर हथोड़ा, मास्क, छाता व स्कूटी बरामद की गई। घटना के पर्याप्त cctv साक्ष्य हैं, विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है।

स्वच्छंद जीवन जीने को आजकल के बच्चों द्वारा इस प्रकार से उठाए जा रहे खौफनाक कदमों को देखकर जिसने भी सुना हतप्रभ रह गया। सीओ ज्वालापुर शांतनु पाराशर एवं कोतवाली ज्वालापुर एवं सीआईयू पुलिस टीम द्वारा कम समय के भीतर किए गए इस खुलासे एवं हरिद्वार पुलिस के त्वरित कार्रवाई पर आमजन द्वारा मुक्त कंठ से कप्तान की लीडरशिप एवं हरिद्वार पुलिस की प्रशंसा की गई।