थाना रायपुर क्षेत्रान्तर्गत निवासी वादी द्वारा थाना रायपुर पर अपनी नाबालिग पुत्री के गुम होने के सम्बन्ध में एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर धारा 363 भादवि बनाम अज्ञात अभियोग पंजीकृत कर विवेचना उ0नि0 संजय रावत के सुपुर्द की गयी ।

प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा गुमशुदा/अपहृता की बरामदगी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । जिसके क्रम में थानाध्यक्ष रायपुर द्वारा गुमशुदा/अपहृता की बरामदगी हेतु पुलिस टीम गठित की गयी ।

पुलिस टीम द्वारा गुमशुदा नाबालिग के परिजनों आस-पास के रहने वाले लोगों व दोस्तों से पूछताछ की गयी । जिससे पुलिस टीम को जानकारी मिली कि उक्त नाबालिग बालिका उसके पास के ही गांव में रहने वाले मनीष नाम के लडके के सम्पर्क में थी । मनीष के बारे में जानकारी की गयी तो मनीष भी घटना के तिथि से ही घर से फरार होना पाया गया ।
इसी बीच पुलिस टीम को जानकारी मिली कि अभियुक्त के जान पहचान वाले बिजनौर व गाजियाबाद आदि स्थानो पर रहते है, जिस पुलिस टीम द्वारा नाबालिग बालिका की बरामदगी व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु बिजनौर, गाजियाबाद आदि सम्भावित स्थानों पर दबिश दी गयी। पुलिस टीम को अहम सूचना मिली की अभियुक्त पुलिस की गिरफ्तारी के डर से नाबालिग बालिका को लेकर देहरादून पहुंचा है और वहाँ से राजस्थान भागने की फिराक में है। पुलिस टीम द्वारा सटीक रणनीति व घेराबन्दी करते हुए नाबालिग बालिका को स्टेडियम रोड रायपुर देहरादून से सकुशल बरामद कर अभियुक्त मनीष पुत्र सुनील कुमार राम निवासी काली माटी बडासी ग्रान्ट थानो रोड देहरादून उम्र 22 वर्ष को अपहरण व पोक्सो के अपराध में गिरफ्तार किया गया । अभियुक्त द्वारा पूछने पर बताया कि उसे जानकारी मिल गयी थी कि पुलिस उसके पीछे पडी है जिसके डर से वह बचने के लिए लडकी को लेकर देहरादून आया था व लकडी को अपने किसी जानने वाले के पास छोडकर राजस्थान भागने की फिराक में था, अभियुक्त को आज मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया ।