मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सायं दूरदर्शन केंद्र के समीप स्थित संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में मिशन सिलक्यारा नाटक का अवलोकन किया। श्री मदन मोहन सती की मूल कृति ‘नायक से जननायक’ पर आधारित ‘‘मिशन सिलक्यारा’’ नाटक के माध्यम से सिलक्यारा के श्रमिकों के संघर्ष को संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने डॉ सुवर्ण रावत को इस नाटक के आलेख, परिकल्पना एवं निर्देशन के लिए भी बधाई देते हुए कहा कि यह नाटक निश्चित रूप से मानवीय अनुभवों को समझने में भी मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन सिलक्यारा की सफलता में बाबा बौखनाग जी की असीम कृपा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन, प्रगाढ़ इच्छाशक्ति के साथ ही पग-पग पर उनके सहयोग से विभिन्न संस्थानों, सेना के जवानों, रेट माइनर्स और ग्राउण्ड जीरो पर राज्य सरकार के समेकित प्रयासों से सुरंग में फंसे मजदूरों को जीवन बचाने में हम सफल हो पाए। यह घटना कोई साधारण घटना नहीं थी इन 17 दिनों में सभी अपने-अपने तरीके से श्रमिकों व उनके परिजनों को प्रेरणा देते रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाटक के आयोजकों ने इस प्रदर्शन के माध्यम से समाज को साहस, समर्थन, और एकता का संदेश देने का कार्य किया है। इसके लिए उन्होंने नाटक के मंचन से जुड़े सभी लागों के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को उत्तर नाट्य संस्थान के अध्यक्ष श्री एस0पी0 ममगाई एवं महासचिव श्री रोशन धस्माना ने उत्तराखण्ड के संस्कृति एवं रंगकर्मियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।

कार्यक्रम में विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, श्री प्रमोद नैनवाल, श्री सुरेश गड़िया, उत्तराखण्ड संस्कृति कला परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु भट्ट सहित संस्कृति एवं रंगकर्मियों सहित अन्य लोग उपस्थित थे।