चतुर्थ केदार श्री रूद्रनाथ धाम की यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंदिर के पुजारियों, हक हकूक धारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। इस वर्ष भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को खुलेंगे।

जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ मिलकर रूद्रनाथ पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मार्ग में क्षतिग्रस्त स्थलों को चिन्हित करें और ऐसे स्थलों पर प्राथमिकता से मार्ग सुधारीकरण का कार्य किया जाए। रूद्रनाथ पैदल मार्ग लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पंचगंगा के निकट रैन सेल्टर और यात्रा मार्ग पर साइनबोर्ड लगाए जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि रूद्रनाथ में बर्फ पिघलने के बाद रूद्रनाथ पेयजल योजना का अवशेष कार्य तेजी से पूरा करें। प्रमुख स्थानों पर सोलर लाइट की व्यवस्था की जाए। पैदल मार्ग में स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था के लिए ईडीसी का गठन किया जाए। यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक सामान को प्रतिबंधित करने के लिए व्यवस्था बनाई जाए। नेटवर्क कंपनियों के माध्यम से दूरसंचार व्यवस्था को सुदृढ़ कराया जाए। बैठक में सुरक्षित यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर के पुजारी, हक हकूधारियों एवं ग्राम वासियों के सुझाव भी लिए गए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, डीएफओ अभिमन्यु, सीओ पुलिस प्रमोद शाह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय, डीडीएमओ एनके जोशी, रूद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जर्नादन प्रसाद तिवारी, वेद प्रकाश भट्ट, हक हकूकधारी सत्येन्द्र रावत, देवेंद्र सिंह बिष्ट आदि सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।