जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम्य विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संचालित योजनाओं एवं निर्माण कार्यो में अपेक्षित प्रगति लाते हुए गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के लोगों को पक्के आवास प्रदान करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत मिशन मोड में काम करते हुए अवशेष निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करांए। जिला एवं ब्लाक स्तर पर आवास निर्माण कार्यो की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त किया जाए। डीएम ने कहा कि जो लोग आवास बनाना चाह रहे है, लेकिन अपनी आर्थिक स्थिति के कारण दुविधा में है, उनकी यथासंभव मदद भी की जाए।

मनरेगा कार्यो की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मनरेगा में जो भी निर्माण कार्य होने है, उनको चुनाव आचार संहिता से पहले शुरू करें। मनरेगा में लंबित देनदारियों का तत्काल भुगतान किया जाए। आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों, क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा किए जा रहे कार्यो का विश्लेषण करें और जनपद की आवश्यकताओं एवं जरूरतों को दृष्टिगत रखते हुए समूहों के माध्यम से आरएफ, सीआईएफ और सीसीएल फंड के साथ उपयोगी योजनाओं पर काम किया जाए। ऐसे स्वयं सहायता समूह जो फंड का उपयोग नहीं कर रहे है, उनका मार्गदर्शन करें। ताकि समूहों की आजीविका में वृद्धि हो। जनपद की डिमांड और सप्लाई का सर्वेक्षण करते हुए रीप के अंतर्गत किसी क्षेत्र विशेष को चिन्हित करते हुए एक व्यापक प्लान तैयार किया जाए। जल संरक्षण के लिए बहुउद्देशीय एप्रोच के साथ मिशन मूड में काम किया जाए। चारधाम यात्रा के दौरान आउटलेट और होटल के माध्यम लोकल उत्पादों का विपणन की व्यवस्था की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत पिछले वर्ष 2022-23 में स्वीकृत 1794 आवास में से 1663 आवास पूर्ण और 131 आवास का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष 2023-24 में 2149 आवास निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष 393 पूर्ण हो गए है और 1127 लाभार्थियों का द्वितीय किस्त जारी कर दी गई है। मनरेगा के अंतर्गत मानव दिवस सृजन के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक मानव दिवस सृजन करते हुए 99.7 प्रतिशत मजदूरी भुगतान कर लिया गया है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एपीडी केके पंत, रीप के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज चौहान, सहायक प्रबंधक महेंद्र कफलोडी सहित सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारी एवं रेखीय विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।