लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 को निर्भिघ्न, शांतिपूर्ण ढंग से संपादित कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में निर्वाचन में सेक्टर अधिकारी एवं पुलिस सेक्टर अधिकारियों को क्रिटिकल और संवेदनशील बूथों की पहचान एवं चिन्हिकरण पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया एक संवेदनशील प्रक्रिया है। इसमें किसी भी तरह की कोई चूक न हो, इसके लिए चुनाव संबंधी सभी प्रशिक्षणों में अनिवार्य रूप से पहुंचे एवं प्रशिक्षण को अमल में लाएं। उन्होंने क्रिटिकल बूथों की जानकारी देते हुए कहा कि क्रिटिकल बूथ वह बूथ हैं जहां बीते हुए चुनाव में किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में या तो बहुत वोट पड़ें हो या कम वोट पड़ें हों। इसके साथ ही जिन बूथों तक पहुंचने का रास्ता मुश्किल हो उन्हें भी इसी श्रेणी में रखा जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर मतदान बूथों पर उपलब्ध कराई जाने वाली प्राथमिक व्यवस्थाओं सहित क्रिटिकल बूथों की निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार मैपिंग कर रिपोर्ट जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करवा दी जाए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने सभी अधिकारियों को चुनावी संबंधी दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सेक्टर व पुलिस सेक्टर अधिकारियों से कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ निर्वाचन कार्य को संपादित करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी तरह की कोई संवादहीनता न हो।

मास्टर ट्रेनर जिला सेवायोजन अधिकारी कपिल पांडे ने प्रशिक्षण के दौरान जनपद के क्रिटिकल और संवेदनशील बूथों की पहचान करने के तरीके सेक्टर अधिकारियों को समझाए। वनरेबल बूथ की पहचान का तरीका बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक वर्ग विशेष मतदाताओं को वोट डालने से रोके, वहां के बूथ इसी श्रेणी में रखे जाएंगे। बताया कि इसके लिए तहसील और थाने की संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को जल्द अपने क्षेत्र की बूथों की श्रेणी तय कर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने की अपील की ताकि उसी अनुरूप तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल सहित सेक्टर व पुलिस सेक्टर अधिकारी उपस्थित रहे।