नंदा-गौरा महोत्सव में सीएम ने किया कन्या पूजन।
सीमांत जनपद चमोली में ₹400.39 करोड़ के विकास कार्यो का लोकापर्ण एवं शिलान्यास कर सीएम ने दी बडी सौगात।
कार्यक्रम में सीएम धामी ने भोजपत्र पर कैलीग्राफी, पारंपरिक रांछ पर कालीन बुनाई और पैडल चरखे पर ऊन कताई के साथ पहाड़ी व्यंजनों का भी चखा स्वाद।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वृहस्पतिवार को महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत चमोली जिला प्रशासन द्वारा गौचर में आयोजित ‘नंदा-गौरा’ महोत्सव में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को धरातल पर उतारने का काम कर रही हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही हमारा राष्ट्र उन्नति के नए शिखर को छू रहा है। इस दौरान सीएम धामी ने कन्या पूजन, पहाड़ी उत्पादों का अवलोकन के साथ ही सीमांत जनपद चमोली में 400.39 करोड़ की 604 विकास योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास कर बडी सौगात दी।

सीएम धामी के रोड शो में उमडा जन सैलाब
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी वृहस्पतिवार को एक दिवसीय दौरे पर गौचर पहुंचे। यहां उन्होंने गौचर हवाई पट्टी से मेला मैदान तक विशाल रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान सीमांत के वासिंदों एवं स्थानीय विद्यालय के छात्रों ने पारंपरिक परिधानों एवं बाध्य यंत्रों के साथ पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं ने कलश यात्रा और विद्यालय के बच्चों ने नंदा देवी राजजात, छोलिया नृत्य, पांडव नृत्य, मंगल गान, लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए हजारों की संख्या में पहुंची मातृशक्ति का दोनों हाथ जोड़कर अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने गौचर मेला मैदान में चमोली जिला प्रशासन द्वारा मातृशक्ति वंदन के अंतर्गत आयोजित नंदा-गौरा महोत्सव का दीप प्रज्जवलित कर शुभांरभ किया। इस मौके पर उन्होंने देवी शक्ति स्वरूप 9 कन्याओं का पूजन, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए पहाड़ी उत्पादों का अवलोकन किया और उनके कार्यो की सराहना की। इस मौके पर सीएम ने पहाड़ की पारंपरिक वस्तुओं को बढ़ावा देने के उदेश्य से रांछ पर कालीन बुनाई, पैडल चरखे पर ऊन कताई, रिंगाल की टोकरी बुनने और दुर्लभ भोजपत्र पर कैलीग्राफी भी की और महिला समूहों के साथ विभिन्न क्रियाकलाप कर स्थानीय संस्कृति को जाना और अपनी पुरानी यादों को साझा किया। महिलाओं ने पारंपरिक हैडलूम व हैडीक्राफ्ट की पूरी विधि बताते हुए अपने संगठनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उत्पादों की सराहना करते हुए यात्रा मार्ग पर भी आउटलेट खोलने एवं पारंपरिक तरीके से बन रहे कालीन, पंखी, दोखे, शौल, टोपी आदि का खूब प्रचार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने लेन्टाना घास से बनाई गई उपयोगी सामग्री की भी खूब सराहना की।

नंदा-गौरा महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा मां नन्दा चमोली जिले के साथ ही पूरे गढ़वाल और कुमांऊ मंडल में अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजनीय है। मां नंदा को हम ध्यांण मानते है और एक विवाहित बेटी के रूप में मां नंदा की कैलाश विदाई के लिए हर साल सिद्वपीठ कुरूड़ से लोकजात यात्रा और 12 वर्षो में राजजात यात्रा आयोजित की जाती है। जबकि गौरा देवी पर्यावरण संरक्षण को लेकर विश्व विख्यात चिपको आंदोलन की अगुवा रही है। उन्होंने कहा कि यह बद्रीनाथ की पावन भूमि है। उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसी सिद्ध भूमि पर आने और यहां मातृशक्ति को समर्पित नंदा-गौरा महोत्स्व में प्रतिभाग करने का अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित सरकार है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार लगातार महिलाओं के कल्याण हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड में यूसीसी को पारित कर जनता से किया वादा उन्होंने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी जाति, धर्म-समुदाय के लिए न होकर पूरे राज्यवासियों के हितों के लिए है। समान नागरिक संहिता को देश की महिलाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ शक्ति के सहयोग के बिना किसी भी समाज या किसी भी राष्ट्र का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता। आज प्रदेश के दुर्गम गांव-गांव में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाकर कुटीर उद्योगों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। महिलाओं के पास कौशल की कभी कोई कमी नहीं रही और अब यही कौशल उनकी आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले और अब हर तरह की सब्सिडी सीधे खाते में ही मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।