जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बाहय सहायतित योजनाओं में विभागों की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने विकास योजनाओं को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करते हुए अवमुक्त धनराशि को शत प्रतिशत व्यय करने के निर्देश विभागों को दिए।

जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से संचालित निर्माणाधीन कार्यो की प्रगति एवं गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराए जाए। जो योजनाएं पूर्ण हो गयी है, उनकी यूसी, एमबी तथा फोटो सहित पूरी रिपोर्ट उपलब्ध करें। जिला योजना में आवंटित धनराशि को प्रत्येक दशा में मार्च से पहले शत प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें। समाज कल्याण अधिकारी को लाभार्थियों के चयन हेतु शिविरों के माध्यम से योजना का प्रचार करने को कहा। राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बहाय सहायतित योजना की समीक्षा के दौरान वन, लोनिवि, लघु सिंचाई, समाज कल्याण विभाग को अवशेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बीस सूत्री कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण और पीएमजीएसवाई को सड़क निर्माण में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने विनय जोशी ने अवगत कराया कि इस वित्तीय वर्ष में जिला योजना के अंतर्गत अवमुक्त धनराशि 6875.34 लाख के सापेक्ष विभागों द्वारा 85.26 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गई है। राज्य सेक्टर में 22284.61 लाख के सापेक्ष 74.39 प्रतिशत, केन्द्र पोषित में 30245.23 लाख के सापेक्ष 96.12 प्रतिशत और बाह्य सहायतित योजना में 227.24 लाख के सापेक्ष 72.45 प्रतिशत धनराशि विभागों द्वारा व्यय की गई है। बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत संचालित 31 कार्यो में से 25 में लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। जबकि अन्य कार्य प्रगति पर है।

बैठक में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, डीएसटीओ विनय जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला, एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह, कोषाधिकारी पंकज श्रीवास्तव सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।