राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को ’कुष्ठ उन्मूलन दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मियों ने राष्ट्रपिता को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कुष्ठ रोगियों को मुख्य धारा में लाने के उनके संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया व कुष्ठ रोगियों के प्रति भेदभाव की भावना को समाप्त करने की प्रतीज्ञा ली। वहीं, नुक्कड़ नाटक के जरिए कुष्ठ उन्मूलन का संदेश भी दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ एचसीएस मर्तोलिया द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों को कुष्ठ रोगियों से भेदभाव की भावना के प्रति शून्य सहिष्णुता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कुष्ठ रोग के प्रति बापू की भांति स्नेह व सेवा भावना को आत्मसात करने की लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 09 लोग कुष्ठ पीड़ित हैं, जिनका निःशुल्क एमडीटी उपचार किया जा रहा है। आगामी 13 फरवरी तक जनपद में स्पर्श कुष्ठ उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। जिसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ती, आशा फेसिलिटेटर, एनएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
वहीं, सीएचसी अगस्त्यमुनि, सीएचसी जखोली, पीएचसी ऊखीमठ सहित विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में भी कुष्ठ उन्मूलन की शपथ ली गई। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में देवभूमि सांस्कृतिक कलामंच के कलाकारों द्वारा विद्या मंदिर इंटर कालेज बेलणी में नुक्कड़ नाटक के जरिए कुष्ठ रोग के लक्षण, कुष्ठ रोग को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांति, कुष्ठ रोग के उपचार व स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक में देवभूमि उत्तराखंड सांस्कृतिक कलामंच के कलाकारों द्वारा जानकारी दी गई कि कुष्ठ रोग साध्य है और इसके लिए एम.डी.टी. उपचार सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही उन्होंने कुष्ठ रोग मुक्त भारत की परिकल्पना पूर्ण करने के लिए समाज में छिपे कुष्ठ रोगियों को उपचार के लिए प्रेरित करने व कुष्ठ रोग के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य शशि मोहन उनियाल व शिक्षक मौजूद रहे।